बिहार के कटिहार से एक अनोखी तस्वीर सामने आ रही है, इस तस्वीर में सांसद तारिक अनवर पब्लिक के कंधे पर बैठकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। पब्लिक के कंधे पर बैठे हुए उनका वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसे लेकर विभिन्न दलों की प्रतिक्रिया भी आने लगी है।
सांसद तारिक अनवर कटिहार के मनिहारी इलाके के शिवनगर सोनाखाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान एक जगह सड़कों पर पानी और कीचड़ भरे पड़े थे. सांसद कीचड़ और पानी मे उतरने से हिचकिचाने लगे यह देख एक पब्लिक ने उन्हे पीठ पर बिठा लिया और फिर पैदल चलते बने।
कटिहार के कांग्रेस सांसद तारिक अनवर बरारी और मनिहारी विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त और कटाव प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को करीब से समझने और हालात का जायजा लेने के लिए उन्होंने नाव और ट्रैक्टर का सहारा लिया। लेकिन जब वे कटाव स्थल की ओर बढ़े तो कीचड़ और पानी से भरे रास्ते ने उनकी राह रोक दी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें अपने कंधे पर बैठाकर आगे बढ़ाया। इस अनोखे नज़ारे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक युवक सांसद को अपने कंधे पर बैठाकर कीचड़ और पानी से भरे रास्ते को पार करा रहा है। साथ में मौजूद कुछ कार्यकर्ता संतुलन बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।
सांसद तारिक अनवर ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि वे धुरियाही पंचायत के कटाव स्थल का निरीक्षण करने गए थे। वहां पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने ही आग्रह किया कि उन्हें कंधे पर बैठाकर आगे ले जाया जाए। सांसद का कहना है कि वे ग्रामीणों की भावनाओं को ठुकरा नहीं सके और उनकी बात मान ली।
इधर गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि आने से धुरियाही पंचायत में कटाव की रफ्तार काफी तेज हो गई है। शिवनगर और सोनाखाल के आसपास की ज़मीन लगातार गंगा में समा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह निकला भी नहीं था कि कटाव ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
वीडियो वायरल होते हीं राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी इस पर आने लगी है। कांग्रेस के कटिहार जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने सांसद का बचाव करते हुए कहा कि तारिक अनवर बाढ़ पीड़ितों की समस्या को समझने के लिए सुदूर इलाकों तक गए थे। पानी में चलने के दौरान उनकी तबीयत कुछ खराब हो गई थी, जिसके कारण वे ठीक से चल नहीं पा रहे थे। लोगों ने ही उन्हें प्यार से कंधे पर उठाकर निरीक्षण करवाया। यह उनके प्रति जनता का स्नेह और सम्मान दर्शाता है।
हालाँकि विपक्षी दल कांग्रेस के इस तर्क से सहमत नहीं हैं, उनका कहना है कि यह एक जनप्रतिनिधि का अहंकार दिखाता है। एक स्थानीय भाजपा नेता ने कहा कि यह जनता की समस्याओं को देखने का नहीं,बल्कि उनका मजाक उड़ाने का तरीका है। अगर सांसद ठीक से चल नहीं पा रहे थे,तो उन्हें मोटर बोट का इस्तेमाल करना चाहिए था। जनता के कंधे का इस्तेमाल करना पूरी तरह से राजनीतिक स्टंट है।
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