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भीलवाड़ा में कालेधन का बड़ा खेल, 271 करोड़ के लेनदेन के लिए बनी फर्जी पार्टी, आयकर विभाग ने खोला राज!

राजस्थान के भीलवाड़ा में कालेधन को सफेद करने के लिए एक फर्जी राजनीतिक पार्टी बनाई गई। 3 साल में इस पार्टी के खाते से 271 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, लेकिन इसने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा।

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भीलवाड़ा में नेशनल सर्व समाज पार्टी नाम की एक राजनीतिक पार्टी ने कालेधन को सफेद करने का गोरखधंधा शुरू किया था। इस पार्टी का पंजीकरण तीन साल पहले हुआ था, लेकिन यह कभी किसी चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकी। फिर भी इसके बैंक खाते में 271 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। आयकर विभाग को शक हुआ, और जब जांच शुरू हुई तो एक बड़ा घोटाला सामने आया। इस साजिश में दो वकील, विकास व्यास और दीपक जोशी, और उनका दोस्त कमलेश आचार्य शामिल थे।

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आयकर विभाग की छापेमारी

14 अगस्त 2025 को आयकर विभाग ने भीलवाड़ा और मुंबई में छापेमारी की। सबसे पहले टीम गाजियाबाद में पार्टी के पंजीकृत कार्यालय पहुंची, लेकिन वहां ताला बंद था। इसके बाद भीलवाड़ा में विकास व्यास, दीपक जोशी और कमलेश आचार्य के घरों और दफ्तरों पर छापे मारे गए। जांच में कई अहम दस्तावेज मिले, जो इस फर्जीवाड़े की गहराई को दर्शाते हैं। आयकर विभाग अब इन दस्तावेजों की गहन जांच कर रहा है ताकि और सच्चाई सामने आ सके।

कालेधन को सफेद करने की तरकीब

जांच में पता चला कि विकास व्यास को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष, दीपक जोशी को कोषाध्यक्ष और कमलेश आचार्य को सचिव बनाया गया था। ये तीनों बड़े कारोबारियों से चंदे के नाम पर मोटी रकम लेते थे। इसके बाद कमीशन काटकर यह राशि वापस कर दी जाती थी। इस तरह कालाधन वैध पैसों में बदल जाता था। विकास ने भीलवाड़ा से बैंक खाते का केवाइसी पूरा किया था, लेकिन खाता मुंबई में किसी और व्यक्ति द्वारा संचालित होता था। लेनदेन के लिए ओटीपी मुंबई में उस व्यक्ति के मोबाइल पर आता था।

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चार्टर्ड एकाउंटेंट की भूमिका

इस घोटाले में एक चार्टर्ड एकाउंटेंट और उनके बेटे की भी भूमिका सामने आई है। यह पिता-पुत्र की जोड़ी भीलवाड़ा और मुंबई में रहते थे और बड़े कारोबारियों के कालेधन को चंदे के रूप में पार्टी के खाते में जमा करवाते थे। इसके बाद कमीशन लेकर पैसा वापस लौटाया जाता था। आयकर विभाग ने इस जोड़ी के दफ्तरों पर भी छापेमारी की और कई सबूत जुटाए। यह साफ हो गया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें कई लोग शामिल थे।

पार्टी का कभी नहीं हुआ इस्तेमाल

नेशनल सर्व समाज पार्टी का गठन सिर्फ कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया था। इसने न तो कोई चुनाव लड़ा और न ही कोई राजनीतिक गतिविधि की। फिर भी इसके खाते में तीन साल में 271 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। आयकर विभाग की जांच से पता चला कि यह सारा पैसा चंदे के नाम पर लिया गया और कमीशन काटकर वापस किया गया। इस मामले ने भीलवाड़ा के साथ-साथ पूरे देश में सनसनी फैला दी है।

जांच अभी जारी

आयकर विभाग की टीमें अब भी इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की पड़ताल से और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। इस घोटाले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कालेधन को सफेद करने के लिए कितने और ऐसे फर्जी संगठन काम कर रहे हैं।

Keywords: Black Money Laundering, Bhilwara Political Party, 271 Crore Transaction, Income Tax Raid, National Sarv Samaj, Vikas Vyas Scam, Deepak Joshi Involved, Kamlesh Acharya Role, Ghaziabad Office Locked, Chartered Accountant Mediation

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