- Advertisement -
- Advertisement -

ट्रंप का महा-ऐलान: ‘आज ही साइन होगी US-Iran पीस डील’, उधर ईरान बोला- ‘अभी नहीं’, क्या खत्म होगा युद्ध?

दुनिया भारत
trump announces us iran peace deal signing tehran denies immediate agreement

AI Generated

वाशिंगटन/तेहरान: दुनिया भर में तेल के भारी संकट और विनाशकारी युद्ध का कारण बने ‘अमेरिकाईरान तनाव’ को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए दावा किया है कि रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक ‘शांति समझौते’ (Peace Deal) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। हालांकि, ट्रंप के इस अति-उत्साह पर ईरान ने तुरंत पानी फेरते हुए स्पष्ट किया है कि आज कोई फाइनल डील साइन नहीं होने जा रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “शांति समझौते पर कल (रविवार) हस्ताक्षर होने हैं। इसके साइन होते ही ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।”

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं चाहता है और हालात सामान्य होने पर अमेरिका अपनी ‘B-2 बॉम्बर’ (B-2 Bombers) की मदद से ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर मलबे को नष्ट कर देगा। ट्रंप ने इस डील को पिछली ओबामा सरकार के समझौते से कहीं बेहतर और मजबूत बताया है।

पाकिस्तान करा रहा है मध्यस्थता

इस पूरी शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप के दावे का समर्थन करते हुए कहा है कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब हैं और ‘इलेक्ट्रॉनिक साइनिंग सेरेमनी’ की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

ईरान का पलटवार: ‘अभी नहीं होगा समझौता’

ट्रंप और पाकिस्तान के दावों के बीच, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह वाशिंगटन की तय की गई टाइमलाइन पर काम नहीं करेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, “यह सच है कि बातचीत आखिरी दौर में है, लेकिन रविवार को किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होने जा रहे हैं।”

ईरान का कहना है कि वर्तमान ड्राफ्ट सिर्फ एक ‘प्रारंभिक फ्रेमवर्क’ है। इस मेमोरेंडम के तहत 60 दिन का सीजफायर (संघर्ष विराम) लागू होगा, जिसके दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने को लेकर लंबी तकनीकी बातचीत की जाएगी। इसे ‘अंतिम समझौता’ मान लेना अमेरिका की जल्दबाजी है।

ईरान के भीतर भी फूट

इस बीच, ईरान के अंदर इस संभावित समझौते को लेकर भारी बवाल शुरू हो गया है। ईरान के कट्टरपंथियों और हार्डलाइनर्स ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची पर अमेरिका के सामने झुकने का आरोप लगाया है। मशहद (Mashhad) शहर में विदेश मंत्रालय के दफ्तर के बाहर अरागची के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। कट्टरपंथियों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नियंत्रण छोड़ना ईरान के लिए एक कूटनीतिक हार होगी।

अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आज वाशिंगटन और तेहरान के बीच यह बहुप्रतीक्षित शांति समझौता मूर्त रूप ले पाएगा, या फिर यह एक बार फिर सिर्फ बयानबाजी तक ही सीमित रह जाएगा।

Keywords: US Iran Peace Deal, Donald Trump Iran Deal, Strait of Hormuz, Iran Nuclear Program

What do you think?

- Advertisement -