मेयर पद को लेकर महायुति ने साफ कर दिया है कि मुंबई का अगला मेयर मराठी और हिंदू ही होगा। वर्ली में बीजेपी–शिवसेना (शिंदे गुट) की पहली साझा रैली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यही बात खुलकर कही। उन्होंने साफ कहा, “मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा।” ये बयान ऐसे वक्त आया, जब AIMIM के वारिस पठान ने दावा किया था कि अगला मेयर मुस्लिम समुदाय से हो सकता है। फडणवीस ने याद दिलाया कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पहले ही अपनी बात रख चुके हैं। साथ ही, उन्होंने शिवसेना (उद्धव गुट) पर भी तंज कसा, जो खुद को मराठी अस्मिता का रक्षक बताते हैं।
अवैध घुसपैठ पर सीएम के सख्त रुख
मुख्यमंत्री फडणवीस ने रैली में मुंबई की सुरक्षा पर भी बड़ी बात कही। उन्होंने दो टूक कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए जो अवैध रूप से शहर में रह रहे हैं, सरकार उनकी पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके मुताबिक, सिर्फ पिछले सात महीनों में कई बांग्लादेशी नागरिकों को मुंबई से बाहर किया गया है और ये अभियान चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि शहर की सुरक्षा के लिए ये कदम जरूरी है और सरकार इसमें कोई ढिलाई नहीं बरतेगी। फडणवीस ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को लेकर आरोप–प्रत्यारोप तेज
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के मुद्दे पर फडणवीस ने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोस्टल रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का श्रेय लेने की होड़ मची है, जबकि हकीकत ये है कि उद्धव ठाकरे के सीएम रहते ये प्रोजेक्ट्स ठप पड़े थे। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार ने विकास की रफ्तार तेज की है और रुके हुए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया है। उनके मुताबिक, मुंबई को अब राजनीति से ऊपर उठकर असली विकास चाहिए।
शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी भाषण में उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के रिश्तों पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने साफ कहा कि बालासाहेब ठाकरे ही असली ब्रांड हैं और मुंबई को भ्रष्टाचार से मुक्त करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ जाकर शिवसेना की विचारधारा से समझौता किया। शिंदे ने याद दिलाया कि बाद में कांग्रेस ने बीएमसी चुनावों में अकेले उतरकर शिवसेना को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने सवाल किया कि मराठी लोगों के लिए असल में काम किसने किया है। कोविड के दौरान शव थैलियों की खरीद में हुए घोटाले का भी जिक्र किया और कहा कि उस वक्त भी मराठी लोगों की चिंता नहीं दिखी। शिंदे का कहना है कि मुंबई की जनता अब भावनात्मक राजनीति नहीं, विकास चाहती है, और यही तय करेगा कि आगे क्या होगा।
Keywords: Mumbai Mayor, BJP Shiv Sena Alliance, BMC Elections, Illegal Bangladeshi Immigrants